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Kavinder Gupta: शक्सगाम घाटी भारत की है, किसी भी गलत दावे को नहीं मानेंगे

Kavinder Gupta: शक्सगाम घाटी भारत की है, किसी भी गलत दावे को नहीं मानेंगे
Kavinder Gupta’s Big Statement On Shaksgam Valley: शक्सगाम घाटी भारत का हिस्सा है, चीन और पाकिस्तान के दावों पर सख्त संदेश (File Photo)

लद्दाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शक्सगाम घाटी पर चीन और पाकिस्तान के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत का हिस्सा है और किसी भी विस्तार की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत अब पहले से ज्यादा मजबूत है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

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Asfi Shadab
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लद्दाख के उप राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शक्सगाम घाटी को लेकर चीन और पाकिस्तान के दावों पर साफ और कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि शक्सगाम घाटी भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस पर किसी भी तरह का बाहरी दावा गलत और अस्वीकार्य है। गुप्ता ने यह भी साफ किया कि भारत अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है और किसी भी तरह की दबाव की नीति को स्वीकार नहीं करेगा।

शक्सगाम घाटी पर भारत का स्पष्ट रुख

कविंदर गुप्ता ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का है। इसमें शक्सगाम घाटी भी शामिल है, जिसे पाकिस्तान ने साल 1963 में अवैध रूप से चीन को सौंप दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान ने किस अधिकार से भारतीय जमीन पर सौदा किया। गुप्ता के अनुसार, यह फैसला न सिर्फ गैरकानूनी था बल्कि भारत की संप्रभुता के खिलाफ भी था।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और विदेश मंत्रालय जरूरी कदम उठा रहा है। भारत ने पहले भी इस तरह के दावों का विरोध किया है और आगे भी करता रहेगा।

चीन की गतिविधियों पर चिंता

उप राज्यपाल ने शक्सगाम घाटी में चीन द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की परियोजना भारत की अनुमति के बिना नहीं हो सकती। चीन को यह समझना चाहिए कि इस तरह की गतिविधियां हालात को और बिगाड़ सकती हैं।

गुप्ता ने याद दिलाया कि चीन पहले भी अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर दावा कर चुका है। उन्होंने कहा कि चीन की विस्तार की सोच से किसी का भला नहीं होगा। भारत अब 1962 वाला देश नहीं रहा और हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।

पाकिस्तान की स्थिति पर सवाल

पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कविंदर गुप्ता ने कहा कि पड़ोसी देश अपने ही लोगों के हितों की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान, सिंध और कराची जैसे इलाकों में लोग आवाज उठा रहे हैं, लेकिन वहां सेना का दबाव है।

गुप्ता के अनुसार, पाकिस्तान अपनी संप्रभुता को खुद कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश बनता जा रहा है जिसे टुकड़ों में बांटा जा रहा है। वहां के लोग भी अब हालात से परेशान हैं और बदलाव चाहते हैं।

पीओके के लोगों की भावना

कविंदर गुप्ता ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोग भी भारत का हिस्सा बनना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि वहां के लोग भारत के साथ जुड़ाव महसूस करते हैं और आने वाले समय में सच्चाई सामने आएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संसद ने साल 1994 में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें साफ कहा गया है कि पीओके भारत का हिस्सा है। इस मुद्दे पर देश का रुख बिल्कुल स्पष्ट है।

भड़काऊ बयानों से बचने की सलाह

गुप्ता ने संवेदनशील मुद्दों पर सोच-समझकर बयान देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान नहीं देने चाहिए जो माहौल को बिगाड़ें। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि देश की सुरक्षा और सीमा से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं होगा।

सेना को पूरा समर्थन

सेना प्रमुख के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कविंदर गुप्ता ने कहा कि सशस्त्र बलों को पूरे देश का समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा कि सेना देश की सुरक्षा के लिए जो भी कदम उठा रही है, उसमें पूरा देश उसके साथ खड़ा है। गुप्ता ने सेना के नेतृत्व की सराहना करते हुए इसे जिम्मेदार और संतुलित बताया।

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।