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Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली में वायु फिर हुई विषाक्त, पराली और धीमी पवन गति बनी मुख्य वजह

Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली में वायु फिर हुई विषाक्त, पराली और धीमी पवन गति बनी मुख्य वजह
Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली की वायु फिर हुई ‘बहुत खराब’, पराली और वाहन प्रदूषण से सांस लेना हुआ दूभर (Photo: PTI)
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Asfi Shadab
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Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली की वायु गुणवत्ता फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

नई दिल्ली, 6 नवम्बर — राजधानी दिल्ली की वायु एक बार फिर विषाक्त हो गई है। दो दिनों के हल्के सुधार के बाद गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 311 तक पहुँच गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, यह स्थिति जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

पराली जलाने से प्रदूषण में तीव्र वृद्धि

दिल्ली की वायु में फिर से पराली जलाने का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया है। निर्णय समर्थन प्रणाली (DSS) के आंकड़ों के अनुसार, पराली जलाने से राजधानी के पीएम 2.5 स्तर में गुरुवार को 21.5 प्रतिशत का योगदान रहा। यह शुक्रवार को बढ़कर 36.9 प्रतिशत और शनिवार को 32.4 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है।
उपग्रह आंकड़ों से ज्ञात हुआ कि बुधवार को पंजाब में 94, हरियाणा में 13 और उत्तर प्रदेश में 74 पराली जलाने की घटनाएँ दर्ज की गईं।

वाहनों और धीमी हवाओं ने बढ़ाई मुश्किलें

पराली के बाद वाहनों का प्रदूषण दूसरा सबसे बड़ा कारण रहा। गुरुवार को इसका योगदान 16.2 प्रतिशत तक दर्ज किया गया। साथ ही, पश्चिमोत्तर दिशा से बहने वाली हवाओं की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे से नीचे गिरने से प्रदूषक तत्व वातावरण में ठहर गए।
वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली के अनुसार, 6 से 8 नवम्बर के बीच दिल्ली की वायु ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है।

Delhi Air Pollution 2025
Delhi Air Pollution 2025: दिल्ली की वायु फिर हुई ‘बहुत खराब’, पराली और वाहन प्रदूषण से सांस लेना हुआ दूभर (Photo: PTI)

लाल क्षेत्र में पहुँची राजधानी

दिल्ली अब फिर से ‘रेड जोन’ में है। सीपीसीबी के अनुसार, देश के 254 शहरों में दिल्ली चौथे स्थान पर रही, जबकि रोहतक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में शीर्ष पर रहा, जहाँ ए़क्यूआई 348 तक पहुंच गया।
राजधानी के 38 मॉनिटरिंग केन्द्रों में से 32 में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ स्तर पर रही, जहाँ ए़क्यूआई 300 से ऊपर दर्ज हुआ। Delhi Air Pollution 2025

दीपावली के बाद से बढ़ी समस्या

दीपावली के बाद से दिल्ली की वायु लगातार ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही है, कुछ अवसरों पर ‘गंभीर’ स्तर तक भी पहुँची। सोमवार को ए़क्यूआई 309, मंगलवार को 291 और बुधवार को 202 रहा था। हालांकि बुधवार को हवाओं के अनुकूल रुख के कारण थोड़ी राहत मिली थी, परंतु गुरुवार को प्रदूषण ने फिर से अपना असर दिखाया।

जनस्वास्थ्य पर खतरा बढ़ा

‘बहुत खराब’ श्रेणी का वायु स्तर श्वसन रोगियों, बच्चों और वृद्धों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा उत्पन्न करता है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे समय में घर से बाहर निकलना सीमित किया जाना चाहिए, और एन-95 मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
विशेषज्ञों ने सरकार से अपील की है कि पराली जलाने की रोकथाम के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाए ताकि प्रदूषण का बोझ घटाया जा सके।

सरकारी कदम और आगे की उम्मीद

दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता नियंत्रण के लिए ‘ग्रैप’ (GRAP) के तहत कई कदम उठाए हैं, जिनमें निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जनरेटरों पर प्रतिबंध और सड़कों पर पानी का छिड़काव शामिल है।
हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक हर साल यही स्थिति दोहराई जाती रहेगी।


यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।