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दिल्ली में पार्किंग शुल्क अब केवल नियत दर पर, QR कोड और MCD एप से होगा भुगतान

दिल्ली में पार्किंग शुल्क अब केवल नियत दर पर, QR कोड और MCD एप से होगा भुगतान
Delhi Parking Fee: दिल्ली में अब पार्किंग शुल्क केवल QR कोड और MCD एप के माध्यम से भुगतान होगा
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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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समाचार विवरण

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अब पार्किंग शुल्क को लेकर मनमाना वसूली का दौर समाप्त होने जा रहा है। एमसीडी (म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली) ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए QR कोड आधारित पार्किंग प्रणाली की शुरुआत की है। इस प्रणाली के अंतर्गत नागरिक अब मोबाइल एप्लिकेशन ‘एमसीडी की पट्टी’ के माध्यम से पार्किंग शुल्क का भुगतान कर सकेंगे और पार्किंग में प्रवेश तथा निकास के समय कोई भी अतिरिक्त शुल्क वसूली नहीं होगी।

एमसीडी की नई पहल

एमसीडी ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह व्यवस्था रामलीला मैदान से शुरू की है। लाभकारी परियोजना समिति के अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता और उपायुक्त राजीव कुमार ने इस सुविधा का उद्घाटन किया। पायलट प्रोजेक्ट लगभग 15 दिनों तक चलेगा और इस अवधि में प्राप्त सुझावों व समस्याओं के समाधान के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से दिल्ली की अन्य सभी पार्किंगों में लागू किया जाएगा।

एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पहले पार्किंग ठेकेदार अक्सर निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क वसूलते थे, जिससे नागरिकों को बार-बार शिकायत करनी पड़ती थी। नए QR कोड और एप आधारित प्रणाली से यह समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी।

प्रणाली कैसे काम करेगी

नागरिक जब किसी पार्किंग स्थल पर प्रवेश करेंगे, तो उन्हें QR कोड स्कैन करना होगा और अपनी गाड़ी का नंबर दर्ज करना होगा। पार्किंग से बाहर निकलते समय भी वही QR कोड स्कैन किया जाएगा।

भुगतान के दो विकल्प होंगे:

  1. ऑनलाइन भुगतान: UPI, नेट बैंकिंग या अन्य डिजिटल माध्यम से।

  2. ऑफ़लाइन भुगतान: एप या पार्किंग स्थल पर मौजूद विकल्पों के माध्यम से।

MCD की पट्टी एप

‘एमसीडी की पट्टी’ एप नागरिक प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश और निकास द्वार पर QR कोड मौजूद होंगे। स्कैन करते ही गाड़ी का नंबर डालने का विकल्प दिखाई देगा और निकास के समय पूरा शुल्क ऑनलाइन या ऑफलाइन भुगतान किया जा सकेगा।

QR कोड का पालन अनिवार्य

एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि QR कोड का अनुपालन सभी पार्किंग स्थलों में अनिवार्य होगा। यदि कोई पार्किंग ठेकेदार QR कोड नहीं लगाता या उसमें छेड़छाड़ करता है, तो उसकी पार्किंग का ठेका रद्द किया जाएगा।

पिछली घटनाओं की पृष्ठभूमि

दैनिक जागरण द्वारा उठाए गए मुद्दों के अनुसार कई पार्किंग ठेकेदार तय शुल्क से अधिक शुल्क वसूल रहे थे। इसके चलते एमसीडी ने चांदनी चौक और लाजपत नगर समेत कई पार्किंगों पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि जुर्माना लगाने के बाद भी कई जगहों पर अतिरिक्त शुल्क वसूली जारी थी।

एमसीडी पार्किंग शुल्क सूची

कार:

  • 1–4 घंटे: 20 रुपये प्रति घंटा

  • 5–24 घंटे: 100 रुपये

  • मासिक पास: 2000 रुपये (दिन व रात)

  • दिन का मासिक पास: 1000 रुपये

मोटर साइकिल:

  • 1–4 घंटे: 10 रुपये प्रति घंटा

  • 5–24 घंटे: 50 रुपये

  • मासिक पास: 1000 रुपये (दिन व रात)

  • दिन का मासिक पास: 600 रुपये

विशेष नोट: करोल बाग और यूसुफ सराय मार्केट में एमसीडी ने तय शुल्क अधिक रखा है।

नई प्रणाली के लागू होने से दिल्ली के नागरिकों को पार्किंग शुल्क भुगतान में पारदर्शिता और सुविधा दोनों मिलेंगी। इससे पार्किंग ठेकेदारों द्वारा अतिरिक्त शुल्क वसूली की घटनाएं समाप्त होने की संभावना है।


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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।