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सिद्धरमैय्या का सख्त पलटवार, शिवकुमार के सीएम बनने की अटकलों को किया खारिज

सिद्धरमैय्या का सख्त पलटवार, शिवकुमार के सीएम बनने की अटकलों को किया खारिज
Siddaramaiah Reacts CM Speculation: सिद्धरामैया ने मुख्यमंत्री पद हस्तांतरण की अटकलों पर जताई नाराजगी .(Photo: PTI)
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Asfi Shadab
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सिद्धरामैया ने अटकलों पर जताई कड़ी प्रतिक्रिया

बेंगलुरु, 31 अक्टूबर 2025: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद पर संभावित बदलाव को लेकर पूछे गए सवाल पर पत्रकार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। जब एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या उनके डिप्टी डी के शिवकुमार नवंबर में मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं, तो सिद्धरामैया ने सवाल को झटका देते हुए खारिज कर दिया।

“क्या उन्होंने आपको बताया? आपने कैसे जाना?” मुख्यमंत्री ने कहा। जब पत्रकार ने जवाब दिया कि उन्होंने यह समाचारपत्र में पढ़ा, तो सिद्धरामैया ने कहा, “आप इसे समाचारपत्र में कैसे देख सकते हैं? कौन सा समाचारपत्र? मैंने कहीं नहीं देखा, हालांकि मैं सभी समाचारपत्र पढ़ता हूं।”

अटकलों की पृष्ठभूमि

कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के मध्य चरण में प्रवेश कर रही है, और इस दौरान सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया और राजनीतिक विश्लेषक इस दौर को “नवंबर क्रांति” कहकर संबोधित कर रहे हैं।

सिद्धरामैया ने लगातार दोहराया है कि वे अपने पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। पार्टी में सत्ता परिवर्तन की अटकलें कुछ समय से चल रही हैं। रिपोर्ट्स में यह सुझाव दिया गया था कि सिद्धरामैया और शिवकुमार के बीच सत्ता साझा करने का समझौता हुआ है।

विधानसभा चुनाव के बाद की राजनीति

मई 2023 में विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद दोनों नेताओं के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। कांग्रेस उच्च कमान ने अंततः शिवकुमार को उप मुख्यमंत्री पद स्वीकार करने के लिए मनाया।

उस समय रिपोर्ट्स में यह संकेत था कि “रोटेशनल मुख्यमंत्री” की व्यवस्था बनाई गई थी, जिसके तहत शिवकुमार दो साल और छह महीने के बाद मुख्यमंत्री पद संभालेंगे। हालांकि, पार्टी ने कभी आधिकारिक तौर पर इस व्यवस्था की पुष्टि नहीं की।

सिद्धरामैया का स्पष्ट रुख

सिद्धरामैया ने साफ कहा कि उन्होंने कभी भी सत्ता हस्तांतरण की कोई योजना नहीं बनाई और न ही इसके लिए किसी भी मीडिया रिपोर्ट पर ध्यान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया को तथ्यों की पुष्टि करनी चाहिए, न कि अफवाहों पर विश्वास करना चाहिए।

विश्लेषकों के अनुसार, यह स्पष्ट रुख कांग्रेस के भीतर स्थिरता बनाए रखने और पार्टी में किसी भी विवाद को टालने की कोशिश है। इस प्रतिक्रिया से यह भी संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल की पूरी अवधि निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राजनीतिक माहौल और भविष्य

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का मध्यकाल आ रहा है और इस दौरान नेताओं के बीच सत्ता और पद पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, सिद्धरामैया ने सभी अटकलों को खारिज कर दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि पार्टी में कोई अशांति न फैले।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के राजनीतिक बयान आमतौर पर नेताओं द्वारा अपनी स्थिति मजबूत करने और मीडिया पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए दिए जाते हैं। इस मामले में सिद्धरामैया ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सत्ता हस्तांतरण की कोई योजना नहीं है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने अपने कार्यकाल की स्थिरता बनाए रखने के लिए स्पष्ट और ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने मीडिया और जनता दोनों को यह भरोसा दिलाया है कि कर्नाटक सरकार अगले साल तक अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के साथ काम जारी रखेगी।
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यह समाचार पीटीआई(PTI) के इनपुट के साथ प्रकाशित किया गया है।


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