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Breaking : नागपुर कोल्ड्रिफ कफ सिरप घटना: 19 बच्चों की मौत, DEG से संबंधित जांच तेज

Breaking : नागपुर कोल्ड्रिफ कफ सिरप घटना: 19 बच्चों की मौत, DEG से संबंधित जांच तेज
Nagpur Coldriph Cough Syrup Incident
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Asfi Shadab
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Nagpur Coldriph Cough Syrup Incident: 19 बच्चों की मौत, जांच जारी

नागपुर – नागपुर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि Nagpur Coldriph Cough Syrup Incident में अब तक 19 बच्चों की मौत हो चुकी है। यह घटना मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से शुरू हुई, जहां कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

नागपुर महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इन बच्चों की मृत्यु मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण हुई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में यह संकेत मिला है कि बच्चों को दी गई कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) की मात्रा सामान्य स्तर से कहीं अधिक थी। DEG एक विषैला रसायन है, जो आम तौर पर औद्योगिक उत्पादों में इस्तेमाल होता है और बच्चों की किडनी व अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

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मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी इसी सिरप के सेवन से बच्चों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद दोनों राज्यों ने तुरंत इस दवा की बिक्री पर रोक लगा दी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह राज्यों में दवा कंपनियों और संबंधित उत्पादों की जांच शुरू कर दी है। CDSCO (केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन) की टीम ने पहले ही संबंधित दवा निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। साथ ही, पूरे मामले की जांच के लिए NCDC दिल्ली की एक टीम नागपुर पहुंच रही है। टीम का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कैसे DEG स्तर इतना अधिक हुआ और किन प्रक्रियाओं में लापरवाही हुई।

विशेषज्ञों ने कहा कि Nagpur Coldriph Cough Syrup Incident ने बच्चों की सुरक्षा के मामले में चेतावनी दे दी है। चिकित्सक माता-पिता से अपील कर रहे हैं कि किसी भी तरह की कफ सिरप खरीदने या देने से पहले दवा की प्रमाणिकता और विनिर्माण तिथि की जांच करें।

वेब स्टोरी:

इस पूरे मामले के बाद नागपुर में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है और सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष टीम तैनात की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस दवा के सेवन से किसी भी तरह के लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।

राज्य और केंद्र सरकार मिलकर इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए कदम उठा रही है। इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और औषध उत्पादों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।


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