दिल्ली की हवा एक बार फिर इंसान के लिए खतरा बन चुकी है। राजधानी में ऐसी जहरीली धुंध फैल गई है, जिसमें सांस लेना मानो किसी धीमे जहर को शरीर में जाने देना हो। लोग आंखों में जलन, गले में दर्द और सांस की तकलीफ को अपनी सामान्य दिनचर्या की तरह झेलने पर मजबूर हैं। दिल्ली की अदालतों में भी अब प्रदूषण की मार साफ दिखाई देने लगी है। ऐसा ही दृश्य मंगलवार को नजर आया, जब सुप्रीम कोर्ट में एक वकील की आवाज बैठ गई और नए मुख्य न्यायाधीश को भी इस हालत पर टिप्पणी करनी पड़ी। दिल्ली की