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ईरान में हिंसा बढ़ी, भारत ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की दी सलाह

ईरान में हिंसा बढ़ी, भारत ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की दी सलाह
Iran Crisis, India Advisory for Citizens: भारत ने जारी की ताजा चेतावनी, ईरान में फंसे भारतीयों से कहा तुरंत लौट आएं (File Photo)

ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन में दो हजार से अधिक लोगों की मौत के बाद भारतीय दूतावास ने ताजा एडवाइजरी जारी की है। सभी भारतीय नागरिकों, छात्रों और तीर्थयात्रियों से तुरंत देश छोड़ने को कहा गया है। दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन भी जारी की है। ईरान में आर्थिक संकट और चालीस प्रतिशत से अधिक महंगाई के कारण विरोध प्रदर्शन दिसंबर से जारी हैं।

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Asfi Shadab
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ईरान में पिछले कुछ हफ्तों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। देश भर में फैले विरोध प्रदर्शनों में अब तक दो हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन हालात को देखते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने एक ताजा एडवाइजरी जारी करते हुए वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द देश छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब पूरे ईरान में तनाव अपने चरम पर है और सड़कों पर हिंसा का माहौल बना हुआ है।

भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में साफ तौर पर कहा है कि जिन भारतीयों का काम बेहद जरूरी नहीं है, उन्हें फौरन ईरान से बाहर निकल जाना चाहिए। दूतावास ने यह भी कहा कि जो लोग वहां रुक रहे हैं, उन्हें पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और प्रदर्शनों वाली जगहों से दूर रहना चाहिए।

भारतीय छात्रों और तीर्थयात्रियों के लिए खास सलाह

ईरान में इस समय कई भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और धार्मिक स्थलों पर जाने वाले तीर्थयात्री भी मौजूद हैं। भारतीय दूतावास ने इन सभी से विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है। दूतावास ने सलाह दी है कि सभी लोग अपने यात्रा दस्तावेज, पासपोर्ट और पहचान पत्र हमेशा अपने साथ रखें। इसके अलावा स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें और ताजा खबरों से अपडेट रहें।

भारतीय दूतावास ने यह भी कहा है कि सभी भारतीय नागरिक दूतावास के संपर्क में बने रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सूचित करें। दूतावास ने कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं जिन पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है।

दूतावास की आपातकालीन हेल्पलाइन

भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों की मदद के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाली आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है। जिन लोगों को किसी तरह की परेशानी है या जो मदद चाहते हैं, वे इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। दूतावास के मोबाइल नंबर हैं – +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359। इसके अलावा ईमेल के जरिए भी cons.tehran@mea.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है।

दूतावास ने यह भी अपील की है कि जिन भारतीय नागरिकों ने अभी तक दूतावास में अपना पंजीकरण नहीं कराया है, वे तुरंत इस लिंक https://www.meaers.com/request/home पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। यह लिंक दूतावास की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

इंटरनेट बाधित होने पर क्या करें

ईरान में कई जगहों पर इंटरनेट सेवाएं ठप पड़ी हुई हैं। ऐसे में अगर कोई भारतीय नागरिक इंटरनेट की दिक्कत के कारण खुद को रजिस्टर नहीं कर पा रहा है, तो भारत में उनके परिवार वाले उनकी तरफ से पंजीकरण करा सकते हैं। दूतावास ने इस बात पर खास जोर दिया है क्योंकि आपात स्थिति में पंजीकृत नागरिकों को तेजी से मदद पहुंचाई जा सकती है।

अमेरिका ने भी जारी की थी चेतावनी

भारत की यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले अमेरिका ने भी अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने को कहा था। अमेरिका ने अपने नागरिकों से सड़क मार्ग से तुर्की या आर्मेनिया की सीमा के जरिए देश से बाहर निकलने की सलाह दी है। यह दिखाता है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं और कई देश अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

ईरान में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं

ईरान में दिसंबर महीने से ही बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर हैं। ईरान की जनता, खासकर युवा वर्ग, लंबे समय से चल रहे आर्थिक संकट से परेशान है। लोगों की नौकरियां छिन रही हैं, महंगाई आसमान छू रही है और जीवनयापन मुश्किल होता जा रहा है।

देश में आर्थिक संकट की गहराई

ईरान में महंगाई की दर चालीस प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच चुकी है। आम लोगों के लिए रोजमर्रा का सामान खरीदना भी मुश्किल हो गया है। कई दुकानदारों ने मौजूदा हालात के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। यह एक तरह का शांतिपूर्ण विरोध है लेकिन इससे आम जनता को और परेशानी हो रही है।

युवाओं में बढ़ता असंतोष

ईरान के युवा वर्ग में सरकार के प्रति असंतोष काफी बढ़ गया है। बेरोजगारी, महंगाई और भविष्य की अनिश्चितता ने युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों में प्रदर्शन और तेज हुए हैं और कई जगहों पर हिंसक झड़पें भी हुई हैं। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव में अब तक दो हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

सरकार का रवैया

ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों को कड़ाई से दबाने की कोशिश की है। कई जगहों पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं ताकि लोग एक दूसरे से संपर्क न कर सकें। सोशल मीडिया पर भी पाबंदियां लगा दी गई हैं। हालांकि इन सब प्रयासों के बावजूद विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

भारतीयों के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती

ऐसे माहौल में वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गई है। भारतीय दूतावास लगातार निगरानी कर रहा है और अपने नागरिकों को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। दूतावास ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत दूतावास को सूचित करें।

भारत सरकार की तैयारी

भारत सरकार भी स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय ईरान में स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए विशेष प्रबंध किए जा सकते हैं। अभी तक भारत सरकार की सलाह यही है कि लोग खुद ही

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।