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महाराष्ट्र सरकार के बड़े फैसले, एआई नीति से रोजगार और हरित विकास को बढ़ावा

महाराष्ट्र सरकार के बड़े फैसले, एआई नीति से रोजगार और हरित विकास को बढ़ावा
Maharashtra AI Policy 2026 cabinet decisions: महाराष्ट्र में एआई नीति से रोजगार, हरित विकास और शिक्षा को नई दिशा (Image: AI)

Maharashtra AI Policy 2026 cabinet decisions: महाराष्ट्र सरकार ने एआई नीति 2026 लागू करने, हरित महाराष्ट्र आयोग बनाने, हरित ऊर्जा योजना शुरू करने और दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाने जैसे कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से राज्य में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और शिक्षा व पर्यावरण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

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Asfi Shadab
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एआई नीति से महाराष्ट्र में रोजगार और निवेश की उम्मीद

Maharashtra AI Policy 2026 cabinet decisions: मुंबई। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को सात महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनमें राज्य की पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता नीति की घोषणा सबसे प्रमुख रही।

महाराष्ट्र एआई (AI) नीति 2026

राज्य सरकार ने महाराष्ट्र एआई (AI) नीति 2026 घोषित की है। इसके अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया जाएगा और डेढ़ लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्यभर में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए 6 एआई उत्कृष्टता केंद्र एआई एक्सीलेंस सेंटर्स (AI Excellence Centres) और 5 एआई इनोवेशन सिटी स्थापित की जाएंगी।

डॉ. आंबेडकर अध्यासन — लंदन में

सामाजिक समता एवं समरसता वर्ष के उपलक्ष्य में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस एलएसई (LSE) में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर एक अध्यासन चेयर (Chair) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके माध्यम से उनके नाम पर डॉक्टरेट छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।

हरित महाराष्ट्र आयोग

मंत्रिमंडल ने हरित महाराष्ट्र आयोग की स्थापना को मंजूरी दी। राज्य में 300 करोड़ वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। यह आयोग पर्यावरण से जुड़ी पायाभूत सुविधाओं की योजना, अमल और निगरानी का काम करेगा।

हरित ऊर्जा, छात्रवृत्ति और शिक्षा योजनाओं को भी मिली मंजूरी

मेजेस्टिक (MAGESTIC) योजना — विश्व बैंक से ऋण

हरित ऊर्जा और विद्युत पारेषण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से मेजेस्टिक (MAGESTIC) योजना लागू की जाएगी, जिसके लिए विश्व बैंक से ऋण लिया जाएगा।

दिव्यांग छात्रवृत्ति में 12 साल बाद बढ़ोतरी

दिव्यांग विद्यार्थियों की उच्च माध्यमिक के बाद की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति में 12 वर्षों बाद संशोधन किया गया है। अब प्रवेश शुल्क, शिक्षण शुल्क, पंजीकरण, पुस्तकालय, परीक्षा और चिकित्सा जांच शुल्क भी इसमें शामिल होंगे।

अन्य निर्णय

रत्नागिरी जिले के नाचणे में केंद्रीय विद्यालय के लिए ढाई हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा आदिवासी आश्रमशालाओं के शिक्षकेतर कर्मचारियों को 12 और 24 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण करने पर संशोधित आश्वासित प्रगति योजना का लाभ मिलेगा।

इन निर्णयों के क्रियान्वयन की रूपरेखा संबंधित विभाग शीघ्र जारी करेंगे।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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