West Bengal News: हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन पर शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में तृणमूल छात्र परिषद के कार्यक्रम के दौरान हाईकोर्ट के आदेशों के उल्लंघन पर शुभेंदु अधिकारी के कड़ा रुख अपनाने और एफआईआर के आदेश की पूरी खबर पढ़ें।
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शुभेंदु अधिकारी ने दिये एफआईआर दर्ज करने के आदेश
West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा टकराव देखने को मिल रहा है। तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सत्तारूढ़ दल ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के सभी निर्देशों को ताक पर रखकर कार्यक्रम का आयोजन किया।
तृणमूल सम्मेलन में अदालती आदेशों के उल्लंघन के आरोप
शुक्रवार को तृणमूल छात्र परिषद के स्थापना दिवस पर कैथेड्रल रोड पर एक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सभा में पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए थे। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आयोजकों और कार्यक्रम में मौजूद नेताओं पर उच्च न्यायालय द्वारा तय की गई सभी शर्तों के खुलेआम उल्लंघन का आरोप लगाया है।
शुभेंदु अधिकारी का कड़ा रुख और एफआईआर के निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सभा के दौरान नियमों को दरकिनार कर भारी भीड़ जुटाई गई और सड़कों को जाम किया गया। इसी के चलते उन्होंने आयोजकों और इसमें शामिल प्रमुख नेताओं के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही, उन्होंने इस मामले को लेकर दोबारा उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के संकेत भी दिए हैं।
क्या थे कलकत्ता उच्च न्यायालय के कड़े निर्देश
यह पूरा विवाद अदालत द्वारा तय की गई सीमा रेखाओं के कथित उल्लंघन को लेकर है। अनुमति के लिए अदालत का रुख करने वाले दोनों गुटों के लिए स्पष्ट गाइडलाइंस जारी की गई थीं।
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ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को कैथेड्रल रोड के केवल एक तरफ ही सभा आयोजित करने की अनुमति दी गई थी।
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उपस्थित संख्या: अदालत ने सख्त निर्देश दिए थे कि कार्यक्रम में 1,500 से अधिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल नहीं होने चाहिए।
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समय सीमा: कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच ही समाप्त होना अनिवार्य किया गया था।
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यातायात व्यवस्था: आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए कैथेड्रल रोड और रानी रश्मोनी रोड के एक-एक तरफ का रास्ता पूरी तरह खुला रखने का आदेश था। अदालत के इन स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद नियमों की अनदेखी किए जाने के दावों ने राज्य में एक नया राजनीतिक भूचाल ला दिया है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

